बॉंडिंग और प्लेजर हार्मोन से है सेक्स का संबंध

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relation between sex and healthवैज्ञानिकों ने सेक्स (Sex) की क्रिया पर गहन रिसर्च करने के बाद पाया है कि यह क्रिया हमारे हेल्थ (Health) को चुस्त-दुरुस्त रखने मे बहुत ही अहम भूमिका निभाती है। यह न सिर्फ दिल की बीमारियों और ओस्टियोपोरोसिस से हमारी रक्षा करता है बल्कि डिमेन्शिया के खतरे से भी बचाता है। इसके अलावा मूड को सुधारने मे भी इसका अहम योगदान है।

दरअसल सेक्स (Sex) की क्रिया से शरीर के भीतर कई तरह के हार्मोन (Hormone) रिलीज होते हैं। ये हार्मोन खुशी देते हैं जिससे आपसी रिश्ते मजबूत होते हैं। ओक्सिटोसिनसेक्स की क्रिया के दौरान रिलीज होने वाला एक महत्वपूर्ण हार्मोन है। ब्रिटेन के स्पायर लीवरपूल हॉस्पिटल मे सेक्सुअल हेल्थ के एक्सपर्ट डॉ. अरुण घोष का कहना है कि यह हार्मोन हमे अपने पार्टनर पर अधिक भरोसा करने के लिए प्रेरित करता है। महिलाओं मे यह हार्मोन अधिक मात्रा मे रिलीज होता है। शायद यही वजह है कि शारीरिक संबंध बनाने के बाद महिलाएं अपने पार्टनर से अधिक प्यार करने लगती हैं। यही वजह है कि संबंध टूट जाने पर दिल टूट जाता है।

दूसरी तरफ पुरुषों मे यह बॉंडिंग हार्मोन रिलीज नहीं होता होता है, उनमे प्लेजर हार्मोन रिलीज होता है, इसे डोपामाइन कहते हैं। डॉ. घोष कहते हैं, यह हार्मोन पुरुषों मे आनंद का वेग उत्पन्न करता है।  यह वेग पुरुषों मे एक नशा सा उत्पन्न करता है। यही वजह है बहुत से पुरुषों मे सेक्स का एडिक्शन होता है।

सेक्स और हेल्थ का संबंध

उम्र बढ्ने के साथ हमारे ब्रेन सेल्स मे कमी होने लगती है। 35 साल की उम्र तक पहुँचने के बाद हर रोज हमे 7000 ब्रेन सेल्स का नुकसान होने लगता है। यह बात निराश करने वाली हो सकती है लेकिन अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि नियमित सेक्स से ब्रेन सेल्स मे बढ़ोत्तरी हो सकती है। सेक्स से ब्रेन के हिप्पोकैंपस नमक हिस्से मे ब्रेन सेल्स मे बढ़ोत्तरी होती है। हिप्पोकैम्पस याददाश्त और ज्ञान अर्जन के लिए जिम्मेदार माना जाता है। स्ट्रेस और डिप्रेशन से ब्रेन का यह हिस्सा सिकुड़ने लगता है। सेक्स और एक्सरसाइज से विपरीत प्रभावों को निष्फल किया जा सकता है। डॉ. घोष का कहना है कि नियमित सेक्स करने वाले बुजुर्ग दंपतियों मे डिमेंशिया होने का खतरा कम होता है।

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