हर बच्चे को मिलेगी रोटावायरस वैक्सीन

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मुकुल व्यास

भारत सरकार ने सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम (Universal immunization program) में रोटावायरस वैक्सीन को शामिल किया है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे समाज के कमजोर तबकों में शिशु मृत्‍यु दर को काफी कम किया जा सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इस महीने के आरंभ में राजधानी में आयोजित 11वीं अंतरराष्‍ट्रीय रोटावायरस सिम्पोजियम में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्‍चों के डायरिया और इस बीमारी से होने वाली मौतों के लिए रोटावायरस मुख्‍य रूप से जिम्‍मेदार है।

डॉ.हर्षवर्धन ने कहा कि जापानी इन्‍सेफ्लाइटिस, रुबेला और पोलियो के साथ सार्वभौमिक प्रतिरक्षण कार्यक्रम में इसे शामिल करके मोदी सरकार ने इस बीमारी से लड़ने के लिए अपनी कटिबद्धता का स्‍पष्‍ट संकेत दिया है। उन्‍होंने कहा ,हम हर साल जन्म लेने वाले प्रत्‍येक 1000 शिशुओं में से 52 को गंवा देते हैं। इसके अलावा रोटावायरस से होने वाला डायरिया कम से कम एक लाख बच्चों को हमसे छीन लेता है। नई सरकार ने प्रतिरक्षण कार्यक्रम में इस वैक्सीन को शामिल करने में कुछ भी वक्‍त नहीं गंवाया। इस पर अमल की कार्य योजना तैयार कर ली गई है।’

अगले साल से प्रतिरक्षण कार्यक्रम में डीपीटी की पहली, दूसरी और तीसरी खुराक के साथ एक अतिरिक्‍त खुराक के तौर पर स्वदेश निर्मित रोटावायरस वैक्सीन को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा एक विशेषज्ञ समिति का गठन करने का भी प्रस्‍ताव है जो बीमारियों के बोझ और वैक्सीन की उपलब्‍धता के आधार पर कुछ राज्‍यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों में इस दिशा में हुई प्रगति का जायजा लेगी।

डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि ‘सहस्राब्‍दी विकास लक्ष्‍यों’ को पा लेना ही काफी नहीं है। कार्यभार संभालने के बाद हमारी सरकार ने जन स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा प्रणाली को लोगों के अनुकूल और जवाबदेह बनाने के लिए एक विशेष अध्‍ययन कराया है। डॉक्‍टरों से कहा गया है कि वे शिशु एवं मातृ मृत्‍यु दर में कमी के लक्ष्‍यों को तय समय से पहले पाने का प्रयास करें। वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि नई सरकार स्‍वदेश में अनुसंधान को बढ़ावा देगी। उन्‍होंने कहा, ‘माताओं एवं बच्‍चों की जिंदगियां बचाने के लिए वैज्ञानिक समुदाय जो भी निर्णय बेहतर समझते हुए लेगा, उसे जन स्‍वास्‍थ्‍य प्रणाली में शामिल किया जाएगा।’

इस मौके पर अमेरिका के फोगर्टी इंटरनेशनल सेंटर के डायरेक्‍टर रोजर ग्‍लास, रोटा कौंसिल के डॉ. मथुराम संतोषम और जैव प्रोद्योगिकी विभाग के सचिव के.विजय राघवन भी उपस्थित थे। इस सिम्पोजियम में दुनिया से आए 600 से अधिक वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने हिसा लिया।

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