स्नोरिंग किल्स!

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Sleep-Apnea
अरे यह कोई स्पेलिंग की गलती नहीं है! हम स्मोकिंग (Smoking) की नहीं बल्कि खर्राटे (Snoring) की ही बात कर रहे हैं…
क्या आप भी मोटे (Fat) हैं? क्या रात मे सांस फूलने या घुटन महसूस होने की वजह से आपकी नींद खुल जाती है? क्या आपके पार्टनर को आपके तेज खर्राटों से शिकायत रहती है?

बड़े शहरों मे रहने वालों की तेजी से बढ़ती कमर की चौड़ाई के चलते, ओएसए (Obstructive Sleep Apnea) भी बढ़ रहा है, जो आपकी सेहत और आपके जीवन के लिए खतरा है। मोटापे से ग्रस्त 80% पुरुष और 20% महिलाएं ओएसए से पीड़ित हैं। ओएसए की गंभीरता का सीधा संबंध शरीर के अधिक वजन से है।

ओएसए एक जानलेवा स्थिति है। इसमे सांस की नाली के आस-पास फैट (Fat) जमा होने लगता है और मांसपेशियाँ सांस लेने की प्रक्रिया को कंट्रोल करती हैं और खांसी होती है। नींद के दौरान, मांसपेशियाँ रिलैक्स करती हैं, जीभ पीछे की तरफ लुढ़क जाती है, सांस की नली संकरी (Narrow) हो जाती है, और सांस धीरे-धीरे चलने लगती है।

मोटे लोगों मे, इससे फेफड़ों मे हवा का प्रवाह कम हो जाता है और तेज खर्राटों की आवाज आती है। ऐसे मे एप्निया के एपिसोड भी हो सकते हैं, इसमे कुछ सेकंड के लिए सांस थम जाती है। ऑक्सीज़न की भूख से दिमाग मे मदद के लिए हलचल होती है और मरीज घुटन महसूस होने के साथ जाग जाता है। इससे नींद डिस्टर्ब हो जाती है और दिन भर मरीज़ सुस्त और नींद से भरा हुआ महसूस करता है। इससे कार्य करने की क्षमता कम होती है और वर्कप्लेस पर या गाड़ी चलाते समय एक्सीडेंट होने की आशंका रहती है। मरीज की याददाश्त भी कमजोर (Memory Loss) होती है, यौन अक्षमता और वैवाहिक रिश्तों मे समस्याएँ आने लगती हैं। इस स्थिति मे ब्लड प्रेशर, कार्डिएक डीजीज (Heart Attack and Sudden Cardiac death भी शामिल) स्ट्रोक, एसिड रिफ़्लेक्स और नपुंसकता (Infertility) जैसी समस्याएँ होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

इस सबसे निजात की चाभी है वजन घटाना (Weight Loss) !!!
इसके अस्थायी उपायों जैसे कि, खर्राटे पर नियंत्रण के सिर ऊपर कर देना या होम रेस्पिरेटर का इस्तेमाल करना आंशिक रूप से असर दिखा सकता है। लेकिन इससे पहले कि यह आपकी सेहत और आपके जीवन पर हावी हो, आपको अपनी पूरी ताकत के साथ इससे पीछा छुड़ाने के उपाय करना जरूरी है…

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