अब पब्लिक प्लेस में तंबाकू थूकना होगा अपराध

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spitting in public place
आईएमए ने तंबाकू संशोधन विधेयक 2015 (cotpa) का स्वागत किया है जिसमें भारत सरकार ने पब्लिक प्लेस में तंबाकू थूकने (spitting tobacco) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।
एक संयुक्त वक्तव्य में आईएमए के राष्टृीय अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. ए. मार्तण्ड पिल्लै और और असोसिएशन के महासचिव एवं हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. के. के. अग्रवाल ने कहा कि, ’’पब्लिक प्लेस में तंबाकू खाकर थूकना टीबी, न्युमोनिया, एच1एन1 फ्लू, एवियन फ्लू और कान, नाक व गले के अन्य संक्रमण फैलने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। टीबी के बैक्टीरिया पूरे एक दिन तक थूक में जिंदा रह सकते हैं। और इस बीमारी के चलते हर साल दो लाख लोगों की मौत होती है।हालांकि आईएमए यह चाहता था कि सरकार न सिर्फ तंबाकू खाकर बल्कि वैसे भी पब्लिक प्लेस में थूकने पर प्रतिबंध लगाए और ऐसा करने वाले के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

आईएमए ने अन्य बदलावों का भी स्वागत किया है
-अब तंबाकू उघोग पर राज्य सरकार का नियंत्रण नहीं बल्कि केंद्र सरकार का नियंत्रण रहेगा।
-अब तंबाकू उत्पादों का अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट विज्ञापन और प्रमोशन नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
-अब विज्ञापन शब्द की सीमा बढ़कर किसी भी उत्पाद, सेवा अथवा कार्यक्रम के जरिए मार्केटिंग, प्रमोशन या विज्ञापन तक विस्तृत होगी।
-प्रिंट, रेडियो और टीवी के अलावा यह प्रतिबंध मोबाइल, इंटरनेट और अन्य नई तकनीकों के मामले में भी लागू होगा।
-तंबाकू उत्पादों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध अब 21 साल से कम उम्र के सभी व्यक्तियों पर लागू होगा। ऐसा पाया गया है कि अगर जीवन के पहले 21 वर्षों तक व्यक्ति को तंबाकू उत्पादों से दूर रखा जाए तो आगे भी उसे इसकी लत लगने की आशंका बेहद कम रहती है। सरकार शायद आयु सीमा को कुछ समय के लिए 21 से 25 वर्ष भी कर सकती है।
-तंबाकू उत्पादों पर मोटे अक्षरों में चेतावनी लिखने के अलावा इससे होने वाले नुकसान के बारे में भी बताना होगा न कि सिर्फ निकोटीन और टार का जिक्र करके छोड़ देना होगा।
-तंबाकू से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए अलग से कोर्ट होंगे।
-बाजार में लूज सिगरेट अथवा कोई भी तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध लगेगा।
-किसी भी शैक्षित संस्थान से 100 यार्ड की दूरी तक कोई भी तंबाकू उत्पाद बेचने की अनुमति नहीं होगी, अब तक यह सीमा 100 मीटर की थी।
-सरकार नैशनल टोबैको कंटृोल ऑर्गनाइजेशन यानी एनटीसीओ का गठन करेगी।
-एयरपोर्ट के अलरवा किाह अन्य पब्लिक प्लेस जैसे कि होटल, रेस्टोरेंट आदि में नॉन स्मोकिंग एरिया निर्धारित नहीं किया जाएगा।

आईएमए के सुझाव
1. इस अधिनियम के तहत आने वाले सभी अपराध गैर जमानती होने चाहिए।
2. यहां तक कि आईएमए तंबाकू उत्पादों पर ही प्रतिबंध लगाने के पक्ष में है, और जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक इसे केमिस्ट की दुकान पर दवा के रूप में उपलब्ध नहीं होना चाहिए।
3. पब्लिक प्लेस में थूकने पर प्रतिबंध होना चाहिए, सिर्फ तंबाकू थूकने पर ही नहीं।
4. डॉक्टरों और सिलेब्रिटीज के लिए पब्लिक में तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध होना चाहिए।

प्रस्तावित जुर्माना/सजा इस तरह लागू होगाः-
-कोई भी व्यक्ति जिसका उत्पाद अथवा सिगरेट या कोई अन्य तंबाकू उत्पादन हो और वह अपने उत्पाद के पैकेट अथवा लेबल पर इसका जिक्र न किया हो, तय की गई चेतावनी न लिखा हो, वह पहली नजर में ही सजा का हकदार होगा। ऐसे मामले में जुर्माना और एक निश्चित समय सीमा के लिए कारावस हो सकता है, जिसे 3 वर्षों तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। दूसरी बार या लगातार ऐसी गलती पकड़े जाने पर कारावास की समय सीमा 5 वर्षों तक बढ़ाई जा सकती है और जुर्माने की राशि 10 लाख रूपये तक की जा सकती है।

-ऐसा कोई भी व्यक्ति जो सिगरेट अथवा कोई अन्य तंबाकू उत्पाद बिना उसके लेबल अथवा पैकेट पर चेतावनी के बेच रहा हो अथवा वितरित कर रहा हो उसे भी दोषी माना जाएगा। पहली बार पकड़े जाने पर जुर्माना और एक निश्चित समय सीमा केलए कारावास हो सकता है, जिसे बढ़ाकर 3 साल तक किया जा सकता है और जुर्माने की राशि बढ़ाकर 1 लाख रूपये तक की जा सकती है अथवा दोबारा पकड़े जाने पर दोनों लागू किया जा सकता है। ऐसे मामलों में सजा की सीमा पांच वर्षों तक के लिए और जुर्माने की राशि 10 लाख तक बढ़ाई जा सकती है।

-कोई भी व्यक्ति जो सिगरेट का उत्पादन करता हो अथवा किसी अन्य तंबाकू उत्पाद को बनाता हो, लेकिन सरकारी विभाग और जनता के समक्ष इससे संबंधित हानियों के बारे में जानकारी न दिया हो उसे पहली बार में पांच वर्षों तक का कारावास और एक लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है, ऐसे मामलों में सजा की समय सीमा 10 साल और जुर्माने की राशि 5 लाख रूपये तक बढ़ाई जा सकती है।

-कोई भी व्यक्ति जो सिगरेट अथवा अन्य कोई तंबाकू उत्पाद बनाता हो लेकिन इसका जिक्र उत्पाद के पैकेट अथवा उसके लेबल पर न किया हो उसे पहली बार में पांच वर्षों तक की सजा और एक लाख रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों लग सकता है। और दूसरी बार में 5 वर्षों तक की सजा और 5 लाख रूपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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