सरकार से अप्रूव्ड लैब से ही कराएं एच1एन1 की जांच

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Swine Flu testing done only from Govt. approved Private Labs
स्वाइन फ्लू की सही जांच, उपयुक्त इलाज और सही रिपोर्टिंग के लिए आईएमए ने अपने सभी सदस्यों को सुझाव दिया है कि स्वाइन फ्लू (Swine Flu) की जांच सिर्फ सरकार द्वारा अधिकृत सरकारी या प्राइवेट जांच लैबों से कराएं। उदाहरण के तौर पर दिल्ली में सिर्फ 3 प्राइवेट लैब ही स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सरकारी मान्यता प्राप्त हैं

स्वाइन फ्लू की जांच के संबंध में दिशानिर्देश जारी करते हुए पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित आईएमए के राष्टृीय अध्यक्ष डॉ. ए मार्तण्ड पिल्लै और महासचिव पद्मश्री सम्मानित डॉ. के के अग्रवाल ने कहा कि कार्ड रैपिड टेस्ट विश्वसनीय नहीं है ऐसे में इसका इस्तेमाल एच1एन1 के मामलों की जांच के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

सिर्फ आरआरटी-पीसीआर टेस्ट ही भरोसेमंद है और एच1एन1 फ्लू की जांच के लिए यही इस्तेमाल होना चाहिए, यह तकनीक कुछ चयनित लैबों में ही उपलब्ध है।
जांच के लिए गले और नाक के फाहे का नमूना भेजा जाता है। एच1एन1 की जांच के लिए फिलहाल कोई ब्लड टेस्ट उपलब्ध नहीं है। इस टेस्ट की रिपोर्ट आने में 24 घंटे का समय लगता है।

आईएमए सिर्फ उन्हीं मरीजों के स्वाइन फ्लू की जांच कराने की सलाह देता है जिनमें फ्लू जैसे लक्षणों के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ हो अथवा ऐसी महिलाएं जो गर्भवती हों और उनमें फ्लू के लक्षण हों। ये वह मरीज होते हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।

आईएमए के मुताबिक, स्वाइन फ्लू के मामलों की परिभाषा इस प्रकार हैः
फ्लू होने जैसी तकलीफः खांसी और गले में तकलीफ के साथ 100 डिग्री से अधिक बुखार और गला खराब होने की कोई अन्य वजह न होना।

पुष्ट एच1एन1 फ्लूः यह उस मामले को मान सकते हैं जिसमें फ्लू जैसी दिक्कतों के साथ रिवर्स टृांसक्रिप्टेज पोलीमरेज चेन रिएक्शन टेस्ट यानी आरआरटी-पीसीआर जांच में वायरस पॉजिटिव रिपोर्ट आई हो।

आईएमए के मुताबिक, उन मरीजों में सांस लेने की तकलीफ नहीं होती है जिनमें बीमारी गंभीर बीमारी न हो और इससे कोई जटिलता न हो। अगर सांस लेने में भी तकलीफ हो रही है तो समझ जाएं कि मरीज की स्थिति गंभीर है।

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