वर्कप्लेस पर ऐसे रखिए सेहत का ध्यान

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take care of health at the workplaceमौजूदा दौर में वर्क कल्चर काफी स्ट्रेसफुल हो गया है। वर्कप्लेस पर काम की अधिकता होने की वजह से खानपान गड़बड़ा जाता है। दो ऐसे में आवश्यक है कि आप फिजीकल एक्टिविटी बढ़ाए और तनाव भगाने के उपाय अपनाए। साथ ही अपने खान-पान का भी पूरा ध्यान रखे।

वर्कप्लेस पर खाना
– घर से पैक करके पोषणयुक्त खाना लाए। ऑफिस में खाना न लाने की वजह से अधिक फैट, अधिक कैलोरी और अधिक नमक वाला फास्ट फूड वाला भोजन करना पड़ता है।

-अपनी पानी की बोतल को हमेशा पास रखें क्योंकि काम की आपाधापी में अकसर लोग पानी पीना भूल जाते हैं।
– कॉफी का प्रयोग कम करें। दिन में तीन कप से अधिक कॉफी न पिए।

वर्कप्लेस पर एक्टिविटी
– दफ्तर में लिफ्ट का इस्तेमाल करने की बजाए सीढ़ियों का प्रयोग करें। ऑफिस में अधिक से अधिक चलें।
– लंच के दौरान दफ्तर के आसपास की बिल्डिंग के चक्कर लगा लें।
– अपनी डेस्क से कुछ दूरी पर प्रिंटर रखें।
– अपने सहयोगियों से बात करें। फोन और ई-मेल का प्रयोग करने की बजाए उनके पास जाकर बात करें।

उपकरणों को पास रखें
– इस बात के प्रति आश्वस्त हो जाए कि आपके वर्कप्लेस में रखे उपकरणों का इस्तेमाल करने की वजह से स्ट्रेन इंजरी न हो।
– मॉनिटर की पोजिशन ऐसी हो कि आपको देखने में दिक्कत न आए।
– की बोर्ड, माउस और फोन को अपने पास रखें ताकि ये आपकी पहुंच से दूर न हो और आपको शारीरिक मशक्कत न करनी पड़े।
– कुर्सी में सीधे बैठे ताकि आपकी रीढ़ में हड्डी में परेशान न आए।

ऑफिस में स्ट्रेस
– ऐसे चीजों को पहचाने जिनकी वजह से आपको तनाव होता है।
– तनावपूर्ण स्थितियों को नजरअंदाज न करें जैसे कि सुबह का ट्रैफिक। ऐसे में बेहतर यही है कि आप पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें।
– न कहना सीखें। अगर किसी काम को करने से आप पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है तो उस काम को अपने ऊपर न लादें।
– कामकाज और निजी जिंदगी में तालमेल बनाए। किसी एक के प्रभावित होने का असर दूसरे पर न पड़ने दे।

खान-पान दिला सकता है राहत
फलों और सब्जियों में विटामिन, खनिज और फाइबर की अधिकता होती है और उनमें कैलोरी की मात्रा भी कम होती है। विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों को खाने से आपका रक्तचाप और वजन नियंत्रित रहता है।
– किसी एक तेल से आपको सारे फैटी एसिड एक साथ नहीं मिल सकते। ऐसे में कई तेलों को एक साथ मिलाकर खाएं।
– हफ्ते में दो बार कम से कम मछली खाएं। हालिया अध्ययन बताते हैं कि तैलीय मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होते है (उदाहरण के तौर पर सेलमन, ब्लैक पॉमफ्रेट, हिल्सा, ट्राउट) से हृदय की धमनियों से जुड़ी बीमारियां कम हो जाती है।
प्लैट मैथड काफी लाभकारी होता है। उदाहरण के तौर पर आप आधी आधी प्लेट को फल और सब्जियों से भर लें। जिसमें गाजर, मूली, फूलगोभी रख लें, साथ ही विभिन्न अनाजों का मिश्रण या स्टॉर्च युक्त सब्जियां जैसे कि पास्ता या मक्का, दाल और कम फैट वाला प्रोटीन जैसे बिना चर्बी वाला मांस, मछली, चिकन,सोयाबीन का पनीर और कम फैट डेयरी (दही, पनीर, दूध) का सेवन करें। फल और सब्जियों का सेवन करते समय सावधानी बरतें, साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि वह हरी, पीली, लाल और नारंगी हो।

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