इनको दिखते हैं आपसे 100 गुणा ज्यादा रंग

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कैलिफोर्निया के सेन डिएगो शहर में रहने वाली आर्टिस्ट कोंसेटा एंटिको को दुनिया कुछ ज्यादा ही रंगीन नजर आती है। उसे सामान्य व्यक्ति की तुलना में 100 गुणा ज्यादा रंग दिखाई देते हैं।

उसकी आंखों में रंगीन रोशनी को सोखने वाले रिसेप्टर्स की संख्या अधिक होने की वजह से वह ज्यादा रंग देख सकती है और उन्हें पेंट कर सकती है। सामान्य से अधिक रंग देखने वाले को टेट्राक्रोमेट का जाता है। एक सामान्य व्यक्ति करीब दस लाख रंग देख सकता है लेकिन एक टेट्राक्रोमेट (tetrachromat) दस करोड़ रंग देख सकता है। ऐसे व्यक्तियों की आंख में कलर विजन के लिए एक अतिरिक्त कोन होता है। कोन दरअसल आंख का एक ऐसा स्ट्रक्चर है जो विभिन्न वेवलेंथ की लाइट को सोख कर उसे ब्रेन में ट्रांसमिट करता है।

ज्यादातर लोगों के आंखों मे तीन तरह के कोन होते हैं लेकिन एंटिको जैसे टेट्राक्रोमेट (tetrachromat) में चार तरह के कोन पाए जाते हैं। समझा जाता है कि एक्स क्रोमोसोम में म्यूटेशन की वजह अतिरिक्त रंग देखने की खूबी उत्पन्न होती है। इस म्यूटेशन की वजह से पुरूषों के अधिक कलरब्लाइंड होने की संभावना होती है और यदि महिलाओं के दोनों क्रोमोसोम में म्यूटेशन है तो उनके टेट्राक्रोमेट होने की संभावना बढ़ जाती है।समझा जाता है कि दुनिया में करीब एक प्रतिशत लोग टेट्राक्रोमेट (tetrachromat) हैं।

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