स्विमिंग पूल के पानी में पेशाब

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swimming pool

गर्मियां आते ही हम लोग अकसर फ्रेंडस और फैमली के साथ मौज-मस्ती या सैर-सपाटे के लिए वाटर पार्क या स्विमिंग पूल का रूख करते हैं। जो कि गर्मियों के लिए एक वाजिब विकल्प भी हैं। वही कई लोग स्विमिंग को एक स्पोर्ट की तरह भी अपनाते है और गर्मियों मे इनडोर पूल्स की जगह आउटडोर पूल्स का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं।  

पूल मे समय बिताने के बाद लोगों को स्किन इंफेक्शन और आंखो का लाल होने के साथ जलन होने की शिकायत आम तौर पर पाई गई है। कई बार डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के बाद भी आराम नही मिलता तो इस खबर पर जरूर ध्यान दें। कनाडा के अलबर्टा यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने स्विमिंग पूल में पानी के अलावा मौजूद दूसरी चींजो पर रिसर्च किया है, इस रिसर्च मे जो सामने आया वो आपको परेशान कर सकता है। रिसर्च मे पता लगा कि स्विमिंग पूल के पानी मे अमुमन अच्छी खासी मात्रा मे पेशाब भी मौजूद होती है। कई बार यही यूरीन आपको होने वाले इंफेक्शन की वजह बनती है।

कैसे की गई रिसर्च

वैज्ञानिकों ने दो शहरों के 31 पूलों से पानी के 250 सैंपल इकट्ठा किए, जिन पर यह रिसर्च की गई। रिसर्च के नतीजों मे पाया गया कि 8 लाख 30 हजार लीटर क्षमता वाले स्विमिंग पूल में 75 लीटर तक पेशाब मिली होती है। जिन पूलों से सैंपल इकट्ठा किए गए वे पूल ओलम्पिक पूलों के एक तिहाई आकार के थे। एक अनुमान के अनुसार इससे छोटे पूल में 30 लीटर पेशाब मौजूद होती हैं।

क्या कहते हैं वैज्ञानिक

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद शोधकर्ताओं ने पेशाब की इतनी मात्रा को लेकर पब्लिक हेल्थ के लिए चिंता जताई हैं। जिसका कारण हैं कि यूरिन स्विमिंग पूल के पानी मे पहले से डाले जाने वाले कैमिकल्स के साथ प्रतिक्रिया करके इंसानी शरीर की त्वचा तथा आंखों को नुकसान पंहुचा सकती है।

तो यदि अगली बार पूल मे समय बिताने के बाद आपको त्वचा या आंखों मे दिक्कत महसूस हो तो समझ जाइए कि उस पूल मे लोगों ने यूरीन किया हैं। दरअसल यूरीन में मौजूद तत्व नाइट्रोजन क्लोरिन के साथ प्रतिक्रिया करके क्लोरामाइन बनाता है, और इसी क्लोरामाइन के कारण आपकी आंखें लाल होती हैं। तो अगली बार पूल मे डुबकी मारने से पहले उस पूल के रख-रखाव के बारे मे भी पता कर लें।

 

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