थ्रिफ्टी जीन भी है मोटापे के लिए जिम्मेदार

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thrifty gene
अक्सर हम मोटापे के लिए अपने खाने को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन अगर गहराई से पड़ताल करें तो पता चलता है कि दरअसल वजन बढ़ाने के लिए हमारे किफायती जीन जिम्मेदार होते हैं न कि खाना। तभी तो एक समान खान-पान लेने वाले दो लोगों का फिजिकल स्टृक्चर अलग-अलग होता है। कुछ लोग ज्यादा खाकर भी पतले होते हैं तो कुछ लोग कम खाकर भी मोटे हो जाते हैं। यह एक जेनेटिक मसला होता है जिसे हम थ्रिफ्टी जीन (thrifty gene) कहते हैं। ये ही वे जीन होते हैं जो भुखमरी के समय व्यक्ति के शरीर में खाने की चीजों को तुरंत प्रॉसेस कर इसे फैट में बदलने और स्टोर करने की क्षमता विकसित करते थे।

इंसान का शरीर के शरीर का डिजाइन ऐसा है कि उसका वजन बढ़ेगा। दरअसल आदिम काल में खाने की चीजों का अभाव होता था और मनुष्य भोजन की तलाश में लंबी यात्राएं और कड़ी मेहनत करता था। उस समय खाना कम मिलता था और मेहनत ज्यादा करनी पड़ती थी। इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि उसका वजन बढ़ सके। इस काल में थ्रिफ्टी यानी किफायती जीन ही थे जो कुछ लोगों के लिए लंबे समय तक बिना भोजन के सर्वाइव करने में मददगार होते थे। जिन लोगों में ये जीन अधिक होते थे वे ही अन्य लोगों की तुलना में अधिक समय तक सर्वाइव भी कर पाते थे।

वही किफायती जीन आज भी हमारे साथ आए हैं। कुछ लोगों में ये जीन ज्यादा स्टृॉंग हैं तो कुछ लोगों में कम। चूंकि अब हमारे पास खाने का अभाव नहीं है और साथ में हमारी जीवनशैली ऐसी हो गई है कि हम शारीरिक कसरत कम से कम कर पाते हैं, ऐसे में जिन लोगों में किफायती जीन ज्यादा स्टृॉंग हैं उनमें अधिक मात्रा में फैट स्टोर होता रहता है। ऐसे लोगों में अक्सर बेहद कम खाने से भी मोटापा आ जाता है। तो अब बात जहां स्मार्ट जीन से मुकाबले की हो, वहां मोटापे की जंग भी दिमाग से ही लड़ी जा सकती है।

कैसे काम करता है किफायती जीन
हमारे शरीर के किफायती जीन बेहद स्मार्ट होते हैं। ये हमारी आदतों और हमारे शरीर की क्रियाओं के हिसाब से खुद को ज्यादा एक्टिव बना लेते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर हम डाइटिंग के बारे में सोचकर भी रोज अपने मील के बीच में 6-7 घंटे का गैप रखने लग जाएं तो किफायती जीन के चलते हमारा शरीर अकाल की स्थिति समझकर खाना आगे के लिए स्टोर करने लगेगा।

यही वजह है कि एक्पर्ट हमेशा यह सलाह देते हैं कि पतला होने के लिए भूखे रहने के बजाय थोड़ा-थोड़ा बार-बार खाते रहें। इससे आपका शरीर खाना भविष्य के लिए स्टोर नहीं करेगा।

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