नवरात्री का सेहत से है गहरा सम्बन्ध

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त्योहारों की खुशियाँ न सिर्फ हमारे घरों मे घुल गई हैं, बल्कि इसकी खुशबू से पूरा माहौल खुशनुमा हो गया है। आपने भी शायद नवरात्रि का व्रत शुरू किया होगा। ये तो अच्छी बात है, लेकिन इससे पहले कि आप फास्टिंग और फीस्टिंग (fasting and feasting) के गलत तरीके अपनाक अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाएँ, हम दे रहे हैं आपको हेल्दी फास्टिंग के कुछ टिप्स, जिन्हें अपनाकर आप इन नौ पवित्र दिनों के व्रत का पूरा-पूरा स्वस्थ्य लाभ ले सकेंगे:

जानें नवरात्रि के पीछे का साइंस
यह साल मे दो बार, उस समय आता है जब मौसम बादल रहा होता है। एक बार तब जब सर्दियों के बाद गर्मी के सीजन की शुरुआत होती है, और दूसरी बार तब जब ठिठुराने वाली ठंड दस्तक देने को तौयर होती है। इन दोनों ही मौसमी बदलावों के समय हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) आमतौर पर कम होती है। ऐसे मे दिक्कतों से बचने के लिए हल्का और पोषक (nutritious) भोजन करने की सलाह दी जाती है। इसका मतलब है, हमें मीट, अल्कोहल, अनाज और सामान्य नमक जैसी हर उस चीज से दूर रहना चाहिए, जिनका पाचन आसानी से नहीं होता है। पचती नहीं हैं। नवरात्रि के व्रत के बहाने हम इस नियम का सख्ती से पालन करते हैं। इससे हमारे शरीर की अशुद्धियाँ निकल जाती हैं। यानी de-toxing हो जाता है।

तो इस व्रत के मूल उद्देश्यों को ध्यान मे रखते हुए इस बार आप भी करें हेल्दी फास्ट। घी मे तले स्वादिस्ट आलू चाट और आलू टिक्की, केले के पकौड़े, जैसी लजीज चीजों के साथ व्रत एंजॉय करने के बजाय फल, हरी सब्जियाँ, सलाद आदि खाएं:

• पानी एक जादुई लिक्विड है। जितना संभव हो उतना पानी पीएं। सामान्य दिनों से ज्यादा। दूध, फ्रेश जूस आदि भी ज्यादा मात्रा मे लें। इससे आपके शरीर से अशुद्धियाँ (toxins) निकलेंगी और शरीर मे फ़्ल्युइड की कमी भी नहीं होगी।

• चूंकि व्रत मे आप लंबे समय तक भूखे रहते हैं और फिर जब खाते हैं तो वह भी बेहद कम मात्रा मे होता है। ऐसे मे आपके पेट मे गैस (acidity) की समस्या हो जाती है और आपका मेटाबोलिज़म (metabolism) बिगड़ जाता है। ऐसे मे दिक्कतों से बचने के लिए रोस्टेड मखाना और ड्राई फ्रूट जैसी चीजें खाएं।

• साबुदाना एक ऐसी चीज है जो कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत है और व्रत के दौरान तुरंत एनर्जी देता है। हम जानते हैं कि आप भी नवरात्रों मे साबुदाना टिक्की का मजा लेने से बिल्कुल नहीं चूकते होंगे। लेकिन यही साबुदाना अगर आप खिचड़ी और खीर के रूप मे खाएं तो? जी हाँ, हम आपको साबुदाना से दूर रहने के लिए बिल्कुल नहीं कह रहे हैं। बल्कि सिर्फ इसकी अनहेल्दी रेसिपी को हेल्दी रेसिपी से रिप्लेस करने की सलाह दे रहे हैं।

• आप सोचते होंगे कि नवरात्रि मे लहसुन प्याज खाने से परहेज करने की क्या जरूरत है? दरअसल ये चीजें शरीर मे गर्मी पैदा करती हैं। दूसरी तरफ दहि आपके शरीर को ठंडा रखने मे मदद करता है और आप फ्रेश और एक्टिव महसूस करते हैं। तो एक कटोरी दही लें, इसमे थोड़ा खीरा-टमाटर डालें और खा लें।

• नवरात्रि के समय सेंधा नमक का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है, क्योंकि यह नमक का प्योर फॉर्म होता है, यह केमिकली प्रोसेस्ड नहीं होता है। इसमे पोटैशियम ज्यादा होता है और पाचन मे सहायक होता है। यह गैस और हार्ट बर्न (heart burns) से राहत दिलाता है।

• फ्रूट चाट और फ्रूट सलाद खाने से आपकी भूख शांत होगी। फलों मे नेचुरल शुगर फ्रूक्टोस होते हैं जो आपके मेटाबोलिज़म को चार्ज करते हैं।

• खुद को पूरी तरह भूखा न रखें। एक संतुलित आहार लेते रहें। हम जानते हैं इस दौरान क्रिस्पी लजीज त्योहारी व्यंजनों से दूर रहना मुश्किल है, लेकिन अपनी सेहत को ध्यान मे रखते हुए आप इनको बनाने के हेल्दी तरीके ढूंढ सकते हैं। जैसे कि टिक्की को ग्रिल करके बना लें। आलू को तलने के बजाय बेक कर लें। सिंघाड़े के आटे का हलवा या लौकी का हलवा भी खा सकते हैं। यह टेस्टी होने के साथ-साथ हेल्दी भी होता है।

• पनीर आपको अच्छा लगे या नहीं, आप इसे अवॉइड नहीं कर सकते हैं। यह बेहद हल्का, आसानी से पचने वाला और कैल्शियम से भरपूर होता है। पनीर को टुकड़ों मे काटें। इसे नमक और काली मिर्च वाली दही मे डुबोकर 15 मिनट रख दें। अब नॉन स्टिक पैन मे तेल की कुछ बूंदें डालकर इसे क्रिस्पी टिक्की की तरह बना लें अथवा अथवा अवन मे इसे ग्रिल करके खाएं।

• कुल मिलकर नवरात्रि की डाइट आपके शरीर और मन-मतिष्क को आराम देने वाली होनी चाहिए। तो अपनी फेवरेट चीजों को अलविदा बिल्कुल न कहें। व्रत के दौरान एक संतुलित आहार अपनाएं।

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