ठंड न छीन ले पैरों की रौनक

Share:

tips for healthy feet in winter
ठंड आते ही त्वचा संबंधी कई दिक्कतें सामने आने लगती हैं। अगर सही देखभाल न की जाए तो ये मामूली दिक्कतें भी बढ़कर बीमारी का रूप ले लेती हैं। इसलिए अपने चेहरे और हाथों की देखभाल करते समय पैरों की अनदेखी बिलकुल न करें:

ये दिक्कतें हैं आम
चिलबेनः चिलबेन ठंड में होने वाली सबसे आम समस्या है। इसकी वजह से पैरों की त्वचा पर छोटे, लाल, खुजली वाले निशान बन जाते हैं और पैरों की त्वचा में सूजन आ जाती है। ऐसा तब होता है जब हमारे पैर लंबे समय तक ठिठुराने वाली ठंड के सीधे संपर्क में रहते हैं। ठंड में रक्त नलिकाएं छोटी होती जाती हैं और ये जब उंगलियों को गर्माहट मिलती है तब ये अपने सामान्य आकार में लौटती हैं। अगर आपके पैरों को वक्त रहते गर्माहट नहीं मिली तो ये रक्त नलिकाएं लीक भी हो सकती हैं। चिलब्लेन के चलते सूजन, फफोले व अन्य कई समस्याएं भी सामने आती हैं। यह सूजन अक्सर छोटी उंगलियों में होती है लेकिन पैर के अधिकतर हिस्से तक फैल सकती है।

रेनॉड्स डिजीजः रेनॉड्स उंगलियों की छोटी नसों को प्रभावित करती है। सिकुड़न की वजह से इन नसों में कम मात्रा में ऑक्सीजन का संचार होता है। ऐसे मरीज अपनी उंगलियों के रंग में बदलाव देखते हैं। यह पहले सफेद फिर नीली और बाद में लाल हो सकती हैं। डायबीटीज के मरीजों में ठंड के दिनों में ज्यादा समस्या रहती है। डायबिटिक फुट के

छालेः इसमें आपके पैरों की त्वचा पर छाले हो जाते हैं और अगर से संक्रमित हो जाते हैं तो इनमें ब्लड, पानी या फिर पस जमा हो जाता है। ऐसा बहुत ज्यादा ठंड, गर्मी, घर्षण या संक्रमण की वजह से होता है। अगर आपको जूतां की वजह से इस तरह की समस्या हो रही है तो आपको तुरंत अपने जूते और जुराबें बदल देनी चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

घट्टे और गोखरूः शायद आपने भी कभी अपने पैरां की त्वचा की मोटाई बढ़ना महसूस किया होगा और ऐसा तब होता है जब आपकी त्वचा ठंडे मौसम, घर्षण और दबाव से खुद को बचाने की कोशिश करती है। अधिकतर लोगों में दबाव या घर्षण के कारण हटाकर इस समस्या से निजात मिल जाता है। जिन लोगों को इससे लाभ न हो उन्हें डॉक्टस से मिलकर बचाव के उपायों के बारे में जानना चाहिए।

अपनाएं ये टिप्स
डेड स्किन की सफाई: शुगर और ऑलिव ऑयल लें, इसमें मिंट या टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर इससे पैरों की मसाज करें। इससे डेड स्किन निकल जाएगी। टी ट्री ऑयल में एंटी बैक्टीरियल तत्व होते हैं।

पैरों को दें पोषणः केला मैश करके इसमें नींबू का रस मिलाएं और इसे पैरों की त्वचा पर मास्क की तरह लगाएं। इस मिक्चर को पैरों पर अच्छे से लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से पैर धो लें।

क्युटिकल्स का रखें खयाल: क्युटिकल आपके नाखूनों के ढांचे को सुरक्षित रखते हैं इसलिए इनको काटना नहीं चाहिए। अगर आप इन क्युटिकल्स को काट देंगे या हटा देंगे तो इनकी जगह खाली हो जाएगी और आपके नाखूनों में संक्रमण, बीमारी और फंगस का खतरा बढ़ जाएगा। अगर आप अपने नाखूनों को लंबा दिखाना चाहते हैं तो आप इन्हें हल्का से पीछे धकेल सकते हैं।

Share:
0
Reader Rating: (0 Rates)0

Leave a reply