पर्सनल हाइजीन के टॉप 12 टिप्स

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अगर रूटीन लाइफ मे साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए तो फ्लू, डायरिया, कॉलरा, जोंडिस टायफॉइड जैसी 80% बीमारियों से बचा जा सकता है। इसके लिए हम आपको बता रहे हैं सैनिटेशन (sanitation) के टॉप-12 रूल्स। जिन्हें अपनाकर आप खुद को हेल्दी रख सकते हैं:

1. खाने से पहले जरूर धोएँ हाथ
न सिर्फ खाने के बाद बल्कि खाने से पहले भी हाथों को अच्छी तरह से धोएँ।

2. जानें हाथ धोने की तकनीक
हाथ धोने की एक खास तकनीक होती है और इसका तरीका किसी भी हैंड वॉशिंग टेक्नीक (hand washing techniche) वेबसाइट से सीखा जा सकता है। इसमे कम से कम 6 स्टेप्स शामिल होते हैं जिसमे हाथों का सामने वाला हिस्सा, पिछला हिस्सा, अंगूठे, कलाई, उँगलियों के बीच का हिस्सा और हाथों की सिकुड़न साफ करना होता है। अच्छी तरह हाथ धोने मे 15-20 मिनट का समय लगता है।

3. क्यों जरूरी है टॉइलेट के बाद हाथों को धोना
इसके जरिये भी ऐसे बैक्टीरिया या वायरस आ सकते हैं जिन्हें नंगी आँखों से देखना संभव नहीं होता। अगर हाथों को अच्छी तरह धोया नहीं गया तो ये जीवाणु नाखूनों के नीचे फंस सकते हैं या हाथों की झुर्रियों मे छिप सकते हैं और खुद को या किसी अन्य तक इन्फेक्शन फैलाने कि वजह बन सकते हैं।

4. स्लीप हाइजीन भी है जरूरी
इसमे सोने की सही आदत के बारे मे बताया जाता है ताकि आपको सामान्य रूप से रात मे अच्छी नींद आए और दिन मे आप पूरी तरह से अलर्ट रहें। एक एडल्ट व्यक्ति को औसतन रोजाना 6 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। तब सोने जाएँ जब आप सच मे थके हुए हों। रोज एक समय पर बिस्तर पर जाएँ और सुबह के समय एक ही समय पर रोज सो कर उठें। यह कोशिश करें कि आपके सुबह उठने का टाइम एक हो, भले ही सोने का टाइम अलग-अलग हो। सोने से पहले ज्यादा खाना खाने से बचें। यह पक्का करें कि आपका बेडरूम शांत, अंधेरा, और आरामदायक माहौल वाला हो। टीवी, कम्प्यूटर या रेडियो जैसी चीजें बेडरूम से हटा दें।

5. सेक्सुअल हाइजीन
हमेशा साफ अंडरगारमेंट पहनें। सेक्सुअल ऑर्गन्स को रोजाना नहाते समय गुनगुने पानी से साफ करें। साफ-सफाई बरतने से इन्फेक्शन होने का खतरा नहीं रहता है।

6. खाँसते समय रखें ध्यान
खाँसते समय यह ध्यान रखना चाहिए की किसी के भी सामने 3 से 6 फुट के रेडियस मे नहीं खाँसना चाहिए। कीटाणुओं को फैलने से रोकने के लिए अपनी शर्ट की बाजू के किनारे पर मुंह ले जाकर छींकना या खाँसना चाहिए न की रुमाल मे। खाँसने या छींकने के बाद हमेशा हाथ धोएँ।

7. पानी का गिलास भी फैला सकता है बीमारी
अगर गिलास ढंग से साफ नहीं किया गया होगा तो खाली गंदी गिलास की वजह से मिनरल वॉटर भी इन्फेक्शन फैला सकता है।

8. कितना सुरक्षित है बर्फ का इस्तेमाल
अगर बर्फ साफ पानी लेकर साफ बर्तन मे जमाया गया हो तो यह सुरक्षित है। मगर सड़कों के किनारे बिक रहा बर्फ हैंड पंप के पानी से बना होता है और इन्सानों के इस्तेमाल के लिए अच्छा नहीं होता।

9. विकल्प न होने पर गटर का पानी भी बन सकता है सुरक्षित
गटर के पानी को भी अच्छी तरह उबालकर अथवा इसमे क्लोरीन की गोली मिलाकर इस्तेमाल के लिए सुरक्षित बनाया जा सकता है।

10. कीटनाशक टैबलेट (deworming tablets) कितना जरूरी
साल मे 2-3 बार कीटनाशक टैबलेट (deworming tablets) लेना अच्छा आइडिया है।

11. दांतों की सफाई
दांतों की सफाई के लिए मुलायम ब्रश का इस्तेमाल करें। अपने मसूड़ों से तकरीबन 45o के ऐंगल पर ब्रश को रखें और अंदर से बाहर की तरफ और दांतों के चबाने वाले सरफेस पर ब्रश करें। जीभ को भी ब्रश से धीरे-धीरे साफ करें। दिन मे कम से कम दो बार ब्रश करें। जब भी कुछ खाएं-पीएं मुह साफ करें। नीम और बबूल का दातुन किसी भी रेग्युलर टूथपेस्ट का विकल्प हो सकता है।

12. रोज करें पैरों की सफाई
हाथों की तरह पैर भी इन्फेक्शन फैलाने की वजह बन सकते हैं। इसलिए इन्हें रोज अच्छी तरह साफ करें। नंगे पैर टहलते हैं तो हर बार टहल कर आने के बाद पैरों को अच्छी तरह धोकर साफ करना याद रखें ताकि पैरों मे चिपककर आई गंदगी और कीटाणु साफ हो जाएँ।

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