यूरीन के रंग से जानें सेहत का हाल

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urine color and health
यूरीन (urine) पास होना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। इससे शरीर के भीतर से टॉक्सिन बाहर निकलता रहता है और हम हेल्दी रहते हैं। लेकिन कई बीमारियों की वजह से यह सामान्य प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसका पता आप यूरीन के रंग-गंध और फ़्लो को देखकर भी लगा सकते हैं। आइये जानते हैं कैसे:

क्लीयर यूरीन
जब हम पर्याप्त मात्रा मे पानी पीते हैं तब हमारा शरीर अच्छे से हाइड्रेटेड होता है और साफ यूरीन पास हो है। कुछ दवाओं की वजह से सामान्य से अधिक यूरीन आता है ऐसे मे भी क्लीयर यूरीन आता है।

डीप येलो
अगर यूरीन का रंग गहरा पीला हाई तो समझ जाएँ कि आपके शरीर मे पानी की कमी हो गई है।

हल्के लाल रंग का यूरीन
पीलिया यानि जोंडिस मे यूरीन का रंग पीला हो जाता है। चुकंदर यानि बीट रूट, आयरन सप्लिमेंट और फूड कलर आदि के इस्तेमाल से भी यूरीन का रंग पीला हो सकता है।

ग्रीन या ब्लू
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, कुछ दवाओं और फूड कलर की वजह से ऐसा हो सकता है।

ब्राउन या ब्लैक
अल्काप्टोन्यूरिया नामक एक रेयर जेनेटिक डिसॉर्डर की वजह से ऐसा हो सकता है।

ब्लड रेड
यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन, किडनी स्टोन या किडनी के कैंसर की वजह से ऐसा हो सकता है।

वाइन रेड
जेनेटिक डिसॉर्डर पोरफिरिया के चलते पोर्ट वाइन के रंग का यूरीन आता है।

गंध भी देता है कई संकेत
डीहाइड्रेशन की वजह से यूरीन मे गंध आती है। लहसुन, प्याज जैसी चीजें ज्यादा खाने और पानी कम पीने वालों के साथ भी ऐसा होता है। लीवर की बीमारी या मेटाबोलिक डिसॉर्डर मे भी ऐसा हो सकता है।

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