आधी रात में नींद खुलना बीमारी नही

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waking up at midnight is pretty normalआज जहां समाज का एक बड़ा वर्ग नींद की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे मे नींद से सम्बंधित किसी भी गतिविधी को कोई बीमारी या स्वास्थ्य समस्या समझ लिया जाता है। जो लोग आधी रात को अचानक उठ जाते हैं वे इसे समस्या समझ डॉक्टरों से परामर्श लेने लगते हैं, दोस्तों या करीबियों की सलाह पर नए-नए हथकंडों से इससे निबटने की कोशिश करते हैं। इनमें प्रमुख है खान-पान मे बदलाव और व्यायाम करना।

 इतिहास

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आधी रात उठ जाना कोई असामान्य बात नही है। 19वीं सदी के लोगों के यह एक आम बात थी, उस समय लोग एक हिस्से की नींद लेने के बाद अपने जरूरी काम कर लेते थे। औद्योगिक क्रांति के बाद ब्रिटेन के लोगों ने इस तरह दो हिस्सों मे नींद लेने की आदत को पहचाना और इसे एक सामान्य परिस्थिती के तौर पर अपनाया। एक हिस्सा नींद लेने के बाद लोग अपने घरेलू काम-काज निपटा लेने, दोस्तों से मिलने जुलने तथा साथी के साथ समय बिताने के लिए इस समय का उपयोग कर लिया करते थे।

क्या कहते है विशेषज्ञ

वर्जीनिया पॉलिटेक्निक और स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रोजर बताते हैं कि पूरी रात सोने को एक आधुनिक अविष्कार के रूप मे देख सकते हैं। 1800 से पहले नींद न आना बहुत कम लोगों के लिए समस्या थी। वही 16वीं शताब्दी मे यह समस्या आम थी और काफी लोग इससे जूझ रहे थे। वे बताते है कि सोने के समय को लेकर ज्यादा बदलाव नही हुआ है और सदीयों से लोगों के सोने जागने का समय 10 बजे ही रहा है, बस सोने के अवधि और अंतराल मे समय-समय पर बदलाव होते रहे है। जिसके लिए कार्यशैली और खान-पान की आदतें जिम्मेदार रही हैं।  

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