क्या लेंगे आप, चाय, कॉफी या काढ़ा?

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चाय या कॉफी की सिप के बिना सुबह की शुरुआत अधूरी सी लगती है। कड़ाके की ठंड हो या काम का स्ट्रेस, जिस चीज की सबसे पहले याद आती है, वह है चाय या कॉफी। घर मे कोई गेस्ट आए हों या दिमाग को तरोताजा करना हो, कप ट्रे मे जरूर सजते हैं। भले ही यह कप ग्रीन टी (GreenTea), ब्लैक टी (Black tea), हर्बल टी (herbal tea) या नॉर्मल टी अथवा ब्लैक कॉफी (black cofee) या नॉर्मल कॉफी की हो, मगर होती जरूर है। आइये जानते हैं ऐसा क्या है इस जादुई कप मे, जिसने आपको अपना दीवाना बना दिया है:

ब्लैक टी
ब्लैक टी सेहत के लिए अच्छी होती है क्योंकि इसमे एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा होता है। अगर कम मात्रा मे ली जाए (2-3 कप प्रतिदिन) तो कई फायदे पहुँचाती है। ब्लैक टी के इस्तेमाल के दिल के बीमारियों के लक्षणों मे फायदा दिखा है। इसके साथ ही यह बुरे कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण मे रखने मे भी मदद करती है; यह इम्यून सिस्टम (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को ठीक करता है और आगे चलकर डिमेन्शिया होने के खतरे को भी कम करता है। चाय मे चीनी और दूध मिलाने से इसका एंटीऑक्सीडेंट असर ब्लॉक हो सकता है। चाय का स्वाद कसैला होता है और दूध और चीनी का स्वाद मीठा।

क्या कॉफी सेहत के लिए अच्छी है?
चाय की तरह, ब्लैक कॉफी भी सेहत के लिए अच्छी होती है, अगर कम मात्रा मे ली जाय (2-3 कप प्रतिदिन) और इसमे चीनी या दूध मिलाकर इसके कसैलेपन की क्वालिटी खत्म न करें।

हर्बल टी क्या है?
हर्बल टी एक पेय है जो कुछ औषधीय पौधों, मसालों या अन्य पौधों जैसे कि जैस्मिन, कैमोमिल और पेपरमिंट के अर्क या काढ़े गरम पानी मे डालकर बनता है। इसमे आमतौर पर कैफीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। हर्बल टी सेहत के लिए अच्छी होती है।

क्या है काढ़ा?
जब चाय को इतना उबाल दिया जाता है कि इसकी 50% क्वालिटी भाप मे बादल जाए, इसे काढ़ा य कहवा कहते हैं। कश्मीर मे यह काफी आम है।

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