ठंड में भी लहराएँ गॉर्जियस बाल!

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मौसम की मार का असर आपकी त्वचा के साथ-साथ आपके बालों (Hair) पर भी पड़ता है। कंपाने वाली ठंड (Winter) भी बालों पर अपना पूरा असर डालती है। इससे बालों की सारी प्राकृतिक नमी चली जाती है और बाल बेजान एवं कमजोर (Dull and Weak) हो जाते है। ठंडी हवा के संपर्क में रहने के साथ-साथ इन दिनों बाल धूप की किरणों के संपर्क में भी ज्यादा रहते हैं क्योंकि धूप सेंकने के लिए हम ज्यादा देर तक बाहर रहना पसंद करते हैं। टोपी, मफलर और स्कार्व्ज के अधिक इस्तेमाल से बाल ज्यादा टूटते भी हैं। इतना ही नहीं, ठंड में हम बालों को सुखाने के लिए हेयर डृायर भी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इसके अधिक इस्तेमाल से भी बाल कमजोर होते हैं। ऐसे में ठंड के दिनों में आपको बालों की देखभाल (Hair Care) के मामले में ज्यादा सावधानी बरतने और अधिक देखभाल करने की जरूरत होती है।

बैलेंस्ड डाइट और सप्लिमेंटः आपकी अंदरूनी सेहत का असर आपके बालों पर भी दिखता है। अगर आप पोषक आहार लेते हैं तो आपका शरीर स्वस्थ रहता है और स्वस्थ शरीर में ही खूबसूरत त्वचा और खूबसूरत बाल हो सकते हैं। प्रोटीन से भरपूर आहार जैसे कि अंडे, नट्स और बादाम, दालें और गाजर आदि खूब खाएं। इनमें भरपूर मात्रा में विटामिन और फोलिक एसिड होता है जो कि आपके बालों को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। कई बार आपको आहार के जरिए पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में आपको सप्लिमेंट लेने की जरूरत पड़ती है। अगर ठंड का मौसम आपके बालों को सूट नहीं करता है तो इन दिनों अपने आहार में विटामिन ए, फोलिक एसिड, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, प्रोटीन और कैल्शियम के सप्लिमेंट शामिल करें जो कि आपके बालों की सेहत के लिए जरूरी हैं। अगर आपके बाल झड़ रहे हैं तो किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ से जरूर मिलें और उनके अपने बालों के लिए उपयुक्त विटामिन सप्लिमेंट की जानकारी लें।

ब्लो डृायर का इस्तेमाल कम से कम करें: ठंड के दिनों में बालों को हमेशा सूखा रखने के लिए ब्लो डृायर का इस्तेमाल अन्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा करते हैं। लेकिन विशेषज्ञ बालों पर ब्लो डृायर या गर्म आयरन का इस्तेमाल कम से कम करने की सलाह देते हैं क्योंकि इनका बालों की सेहत पर विपरीत असर पड़ता है। ब्लो डृायर के इस्तेमाल से सिर के रोमछिद्र खुल सकते हैं और इसमें गंदगी और प्रदूषण प्रवेश कर सकता है जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती है। यह ध्यान रखें कि ब्लो डृायर से निकलने वाली गर्म हवा आपके आपके बालों के फोलिकल्स को नुकसान पहुंचाती है। अगर बालों को सुखाने के लिए ब्लो डृाई का इस्तेमाल करना जरूरी है तो इन दिनों गर्म आयरन का इस्तेमाल बालों पर बिल्कुल न करें।

सिर की त्वचा की देखभाल: अपने सिर की त्वचा और बालों की मालिश गुनगुने ऑलिव ऑयल अथवा नारियल के तेल से करें। इससे बालों में नमी बरकरार रहेगी और रूखापन नहीं आएगा। हालांकि बहुत ज्यादा तेल लगाना भी ठीक नहीं क्योंकि ऐसा करने से आपको बार-बार शैंपू लगाना पड़ेगा और इससे बालों को नुकसान होगा। ठंड से पहले और ठंड के महीनों में हफ्ते में दो बार बालों में तेल से मालिश करना ठीक रहता है।

मॉइश्चराइजिंग शैंपू और कंडीशनर इस्तेमाल करें: ठंड में नमी की कमी एक सबसे बड़ी समस्या रहती है। ऐसे में मॉइश्चराइजिंग शैंपू और कंडीशनर का इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। दही, अंडे का सफेद भाग, हिना आदि प्राकृतिक कंडीशनर का काम करते हैं और इनसे बालों को सुलझा हुआ रखने में मदद मिलती है। इससे आपके बाल रूखेपन से बचे रहेंगे और दोमुहे भी नहीं होंगे। अगर सिर में रूसी है तो नींबू का इस्तेमाल करें और अपने सिर की त्वचा को स्वस्थ रखें।

स्कल्प रीजुविनेटिंग टृीटमेंटः अगर आपको गंभीर समस्या है तो आपके लिए बेहतर है कोई स्कल्प रीजुविनेटिंग मेडिकल थेरेपी लेना, जैसे कि स्टेम सेल थेरेपी, पेप्टाइड थेरेपी लेजर, एलईडी थेरेपी और रीजुविनेटिंग ऑरेंज लाइट थेरेपी। इनसे बालों का विकास तेजी से होता है और बालों में रूसी आदि की समस्या भी नहीं रहती।

ये हैं विकल्प:
ए-लेजर लाइट थेरेपी-बाल झड़ने और बालों की त्वचा के संक्रमण के लिए
जब बालों के फोलिकल में रक्त संचार ठीक ढंग से नहीं होता है अथवा हार्मोन के बाईप्रॉडक्ट डीहाइडृोटेस्टोस्टेरॉन यानी डीएचटी की समस्या होती है तब हेयर फोलिकल धीरे-धीरे डैमेज हो जाते हैं। हेयर फोलिकल को पुनर्जीवित करने के लिए एक लेजर कॉम्ब के जरिए लेजर फोटोथेरेपी दी जाती है। सिर की त्वचा पर सौम्य तरीके से पोषक लेजर लाइट देने से फोलिकल में आवश्यक विकास के तत्वों की कमी पूरी हो जाती है और बाल सामान्य रूप से उगने लगते हैं। फोटोथेरेपी टृीटमेंट से सिर की त्वचा में रक्तसंचार भी बढ़ता है और इससे डीएचटी जैसे खतरनाक तत्व भी खत्म हो जाते हैं।

बी- ओजोन थेरेपी-बालों के विकास और सुधार के लिए
ओजोन के जरिए शरीर के किसी भी हिस्से ऑक्सिजन की पर्याप्त मात्रा सप्लाई की जाती है। इससे शरीर के हानिकारक तत्व खत्म होते हैं। हमारे बालों की जड़ों में भी कई हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं ऐसे में जब ओजोन थेरेपी के जरिए यहां पर्याप्त मात्रा में ऑक्सिजन पहुंचता है तब इनका नवीनीकरण शुरू हो जाता है। इससे जड़ें स्वस्थ होने लगती हैं, बालों का झड़ना प्राकृतिक रूप से कम हो जाता है और सिर की त्वचा स्वस्थ हो जाती है जिससे किर चुके बाल दोबारा उगने लगते हैं।

विंटर डैमेज ठीक करने के लिए हेयर मास्क
बालों को बाहर से पोषण देने के लिए हेयर मास्क डिजाइन किए जाते हैं इससे बालों की रंगत सुधरती है और इसमें चमक आती है और बेजान बाल खिल उठते हैं। आमतौर पर यह बालों की कंडीशनिंग बढ़ाने का एक माध्यम होता है। जैसा कि उपर बताया गया है ब्लो डृायर अैर आयरनिंग का अधिक इस्तेमाल भी बालों को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि हेयर मास्क से बालों में भीतर से कोई बदलाव नहीं आता क्योंकि इनका इस्तेमाल बाहर से होता है। लेकिन इससे गहराई से कंडीशनिंग हो जाती है। बालों की रंगत अच्छी हो जाती है और बाल ज्यादा मुलायम और संभालने योग्य हो जाते हैं। हेयर मास्म में एंटी ऑक्सिडेंट की मात्रा अधिक होती है जिससे बालों को पोषण मिलता है और ये नुकसान से बचते हैं।
यह ध्यान रखें कि ठंड में इस्तेमाल किया जाने वाला हेयर मास्क मॉइश्चराइजिंग और नरिशिंग होना चाहिए ताकि सिर की त्वचा की खोई नमी वापस आ जाए। अगर आप केमिकल से बने हेयर मास्क का इस्तेमाल करती हैं तो ऐसा विकल्प चुनें जो हाइड्रेशन के लिए हो। अगर घर में बना हेयर मास्क इस्तेमाल कर रही हैं तो उसमें शहर, अंडे, दही आदि मिलाएं ताकि यह पर्याप्त नमी प्रदान करे। हालांकि नियमित रूप से हेयर मास्क लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। हफ्ते या 10 दिन में एक बार इस्तेमाल करने से भी ठीक रहता है। अगर गुनगुने तेल के मसाज के साथ आधे घंटे के लिए हेसर मास्क लगाया जाय तो अच्छे परिणाम मिलते हैं।

Dr . Chiranjeev Chhabra,
Skin Specialist, Skin Alive Clinics,
Delhi & NCR

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